पैराग्वे कोर्ट ने फर्जी पासपोर्ट मामले में ब्राजील के पूर्व फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को पांच महीने हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया। जज गुस्तावो अमरिल्ला ने इस मामले में रोनाल्डिन्हो के भाई रॉबर्टो डि आसिस को भी हिरासत से छोड़ने का आदेश दिया। दोनों बीते चार महीने से पैराग्वे की राजधानी असुनसियान के पालमारोगा होटल में हाउस अरेस्ट थे।
इन दोनों भाइयों को जुर्माने के तौर पर दो लाख यूएस डॉलर यानी करीब डेढ़ करोड़ रुपए भरने होंगे।
रोनाल्डिन्हो को परमानेंट एड्रेस बदलने पर कोर्ट को जानकारी देनी होगी
जज गुस्तावो ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश की यात्रा करने के लिए रोनाल्डिन्हो आजाद हैं, लेकिन अगर वह अगले एक साल के अंदर अपना परमानेंट एड्रेस बदलते हैं, तो उन्हें कोर्ट को इसकी जानकारी देनी होगी। उन पर जुर्माने के अलावा किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है।
रोनाल्डिन्हो के भाई को ब्राजील में जज के सामने पेश होना होगा
जज ने कहा कि इस मामले को पूरी तरह से खारिज नहीं कर रहे हैं, बल्कि रानाल्डिन्हो की सजा को सशर्त खत्म किया जा रहा है। दूसरी ओर, उनके भाई को दो साल की सस्पेंडेड सज़ा सुनाई गई। आमतौर पर कम गंभीर अपराधों में या पहली बार अपराध से जुड़े मामलों में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
रोनाल्डिन्हो को कोर्ट में पेश नहीं होना होगा
जज किसी भी आरोपी की जेल की सजा को निलंबित कर सकता है। हालांकि, इसके बावजूद रोनाल्डिन्हो के भाई को हर 4 महीने में ब्राजील में जज के सामने पेश होना होगा और उसका आपराधिक रिकॉर्ड होगा। लेकिन रोनाल्डिन्हो को इससे छूट दी गई है।
पैराग्वे पुलिस ने रोनाल्डिन्हो को मार्च में हिरासत में लिया था
स्टार फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो मार्च में एक चिल्ड्रेन चैरिटी कैंपेन में शामिल होने के लिए अपने भाई के साथ पैराग्वे की राजधानी असुनसियान पहुंचे थे। वे जिस होटल में रुके थे, पुलिस ने दोनों को वहीं हिरासत में लिया था। इन दोनों पर फर्जी पासपोर्ट के जरिए देश में घुसने का आरोप था।
रोनाल्डिन्हो ने अपने फुटबॉल करियर में पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी), बार्सिलोना और मिलान जैसे क्लब की तरफ से खेल चुके हैं। उन्होंने 2018 में फुटबॉल से संन्यास ले लिया था।
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