11 साल से स्टेडियम जाकर मैच देख रहे रामबाबू की धोनी ने मदद की थी, 6 साल पहले बांग्लादेश में डेंगू होने पर इलाज कराया - SPORTS NEWS

Sports News: Find Latest Sports News, Cricket News, Tennis News, Football News, Live Scores, Hockey, and IPL 2019 Latest News

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Tuesday, July 7, 2020

11 साल से स्टेडियम जाकर मैच देख रहे रामबाबू की धोनी ने मदद की थी, 6 साल पहले बांग्लादेश में डेंगू होने पर इलाज कराया

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज 39 साल के हो गए हैं। उनका जन्म 7 जुलाई 1981 को झारखंड (तब बिहार) के रांची में हुआ था। धोनी के खेल और लुक के कायल दुनियाभर में मौजूद हैं। ऐसे ही एक फैन पंजाब में मोहाली के रहने वाले रामबाबू भी हैं। वे 11 साल में धोनी के 200 से ज्यादा मैच स्टेडियम में जाकर देख चुके हैं। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में 2014 टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान उन्हें डेंगू हो गया था।

तब धोनी ने उन्हें फ्लाइट से वापस भेजा और इलाज करवाया। तब डॉक्टर ने कहा था कि यदि 4-5 दिन की देरी होती, तो शायद मामला बिगड़ सकता था। रामबाबू ने शरीर पर धोनी के टैटू बनाए हैं। धोनी के जन्मदिन पर भास्कर ने रामबाबू से बात की...

धोनी ने दूसरा जीवन दिया, उन्हीं के कारण जिंदा हूं
रामबाबू ने कहा- बांग्लादेश में 2014 टी-20 वर्ल्ड कप देखने के लिए पहुंचा था। यात्रा के बारे में कुछ पता नहीं था, इसलिए कोलकाता से बस में गया था। समुद्र का रास्ता शिप से पार किया। मैच के सभी पास माही सर ही देते थे। भारत-पाकिस्तान मैच से पहले रात को मेरी तबीयत खराब हुई। टीम इंडिया के डॉक्टर नितिन पटेल से दवाई ली, लेकिन कुछ असर नहीं हुआ। मैच के दौरान भी मैं खड़ा नहीं रह पा रहा था। जब तबीयत के बारे में धोनी को पता चला, तो उन्होंने मुझे मेरे दोस्त संदीप के साथ टेस्ट कराने के लिए भेजा।

इलाज का पूरा खर्च माही सर ने दिया

तब डॉक्टर ने कहा था कि इलाज की जरूरत है। मुझे डेंगू हो गया था। तब धोनी ने मुझे फ्लाइट से वापस भेजा और इलाज करवाया। मैंने उनसे वापस आने से मना किया था, लेकिन उन्होंने मुझे डांटकर वापस भेजा। यहां डॉक्टर ने कहा था कि यदि 4-5 दिन की देरी होती, तो शायद मामला बिगड़ सकता था। इलाज का पूरा खर्च माही सर ने ही दिया। दूसरा जीवन देने के लिए मैं माही सर को थैंक्यू कहना चाहता हूं।

सचिन और सौरव को देखकर क्रिकेट से लगाव हुआ
बचपन से मुझे क्रिकेट खेलने का शौक था। मैं पढ़ाई में कमजोर था। सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली को टीवी पर देखता था और फिर घर के पास के मैदान में खेलता था। क्रिकेट मैं करियर बनाने के लिए काफी कोशिश की। मोहाली में क्रिकेट एकेडमी भी ज्वॉइन की थी, पर मैं नेक्स्ट लेवल तक नहीं पहुंच सका। तब तय किया था कि खिलाड़ी बनकर नहीं तो फैन बनकर ही टीम इंडिया को सभी मैच में सपोर्ट करुंगा।

जेब खाली और कोई जॉब नहीं थी, तब मैंने टीम इंडिया को फॉलो करना शुरू किया
धोनी ने 2004 में डेब्यू किया, तब उनकी हेयर स्टाइल काफी चर्चा में रही थी। मैं स्टेडियम नहीं जाता था, लेकिन क्रिकेटिंग स्किल्स के साथ-साथ माही सर की हेयर स्टाइल का भी फैन हो गया था। मैं उनसे मिलना चाहता था। तब मैंने टीम इंडिया के सभी मैच स्टेडियम में जाकर देखने का फैसला किया। जेब खाली और जॉब भी नहीं थी, लेकिन मैंने तय किया था कि टीम इंडिया का सुपर फैन बनना है। मुझे धोनी सर से मिलना था। शुरू में पार्ट टाइम जॉब करके रुपए जुटाए और बस, ट्रेन या फिर लिफ्ट लेकर मैच देखने पहुंचता था।

जब मैं पहली बार धोनी सर से मिला
भारत-इंग्लैंड के बीच 2013 में धर्मशाला में वन-डे मैच था। तब मैं धोनी सर को पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिला था। पैर छूने गया तो उन्होंने ने कहा- पैर मत छुओ, गले लगो। वह मेरा लाइफ का सबसे बड़ा मोमेंट था। धर्मशाला में ठंड ज्यादा होती है और तब बारिश भी हुई थी। उन्होंने कहा- ठंड लग जाएगी, टी-शर्ट पहन लो। मैंने कहा- आपसे मिल लिया सर, अब ठंडी क्या करेगी। मैंने 2006-07 में टीम इण्डिया को फॉलो करने की शुरुआत की। तब में बॉडी पैंट नहीं करता था। मेरे बाल भी धोनी सर की तरह लंबे थे। मैं 2011 वनडे वर्ल्ड कप से अपर बॉडी पैंट करते हुए मैच देखने लगा था।

धोनी सर से मेरा नाम जुड़ गया, इससे बड़ा कुछ नहीं
मुझे धोनी सर से क्या मिला है? फैन के तौर पर मेरा नाम उनसे जोड़ा गया है, इससे बड़ा और कुछ भी नहीं हो सकता है। यह मेरी सबसे बड़ी अचीवमेंट है। लोग मुझे उनके नाम से ही पहचानते हैं। धोनी भी मुझसे प्यार से ही मिलते हैं। मैं उनके घर जाता हूं तो भी मुझसे मिलते हैं। भाई जैसा व्यवहार करते हैं। भारत में अपने पैसे से ट्रैवल करता हूं। कभी दोस्तों से भी मदद लेता हूं। जब विदेश दौरा करना हो, तो धोनी ही स्पॉन्सर करते हैं।

शादी के बारे में कुछ नहीं सोच रहा
फैमिली बैकग्राउंड में रामबाबु के बड़े भाई ट्रैवल एजेंट के तौर पर काम करते हैं, जब की 2 छोटी बहन और एक भाई अभी पढ़ाई कर रहे हैं। अपनी शादी के सवाल पर रामबाबू ने कहा- मैं शादी के सवाल से दूर भागता हूं , मैं अभी इस बारे में विचार नहीं कर रहा हूं।

आखिरी सांस तक धोनी सर का नाम सीने पर लिए चीयर करता रहूंगा
सीजन के समय रामबाबू भारतीय टीम के साथ ही होते हैं। ऑफ सीजन में वे ड्राइविंग और दूकान में काम करने जैसी पार्ट टाइम जॉब करते हैं। हर बार ऑफ सीजन में नौकरी तलाशने को लेकर रामबाबू ने कहा- इन मुश्किलों से मुझे कुछ फर्क नहीं पड़ता। मैं बस यही जानता हूं कि आखिरी सांस तक धोनी सर का नाम सीने पर लिखते हुए टीम इंडिया को चीयर करता रहूंगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
धोनी के सुपरफैन रामबाबू ने कहा- मुश्किलों से फर्क नहीं पड़ता। मैं बस यही जानता हूं कि आखिरी सांस तक धोनी सर का नाम सीने पर लिए टीम इंडिया को चीयर करता रहूंगा। -फाइल फोटो


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2DipMwP

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages